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तर्ज -क्या मिलिए ऐसे लोगों से

ना चुनिए ऐसे लोगों को, जिनकी सूरत दिखे नहीं,  वादे करके भूल गए कोई भी योजना टिके नहीं।2। जब चुनाव का दौर चले यह तब दौरे पर आते हैं , जीत गए तो पांच साल तक जाने कहां छुप जाते हैं। चिकनी चुपड़ी बातें करते भाषण इनके रुके नहीं,  वादे करके भूल गए कोई भी योजना टिके नहीं । । जन जन का दुख दूर करेंगे, डींगे हांका करते हैं, जब चुनाव में जीत गए, बस अपनी जेबें भरते हैं। पैसा सूखा राहत वाला तक कृषकों में बंटे नहीं , वादे करके भूल गए कोई भी योजना टिके नहीं।। अपनी कुर्सी की खातिर , हमें आपस में लड़वाते हैं,            हिंदू मुस्लिमवाद बनाकर ये दंगे करवाते हैं । हम लड़ मर जाते आपस में इनकी आत्मा दिखे नहीं, वादे करके भूल गए कोई भी योजना टिके नहीं।। ना चुनिए ऐसे लोगों को जिनकी सूरत दिखे नहीं, वादे करके भूल गए कोई भी योजना टिके नहीं ।।                             अनंतराम मिश्र