"यादें"

                                      "यादें"
जब जब उसकी यादें आने लगतीं हैं,मत पूछो कितना तडपाने लगतीं हैं।
मेरे खयालों में जब उसकी दस्तक हो आखें फ़िर पानी बरसाने लगती हैं॥
जब जब उसकी........................
ख्वाव उसे भी रातों को आते होंगे,मुझको भी तो पास कभी पाते होंगे।
और हसीं लगती होगी प्यारी सूरत,नींद ही में जब वो मुस्काने लगती है ॥
जब जब उसकी ......................
दिल में मेरा प्यार छुपाकर रखती है,सपनों की एक दुनिया बसाकर रखती है।
प्यार से मेरा नाम हथेली पर लिखकर,फ़िर दुनिया के डर से मिटाने लगती है॥
जब जब उसकी..........................
जीवन के पथ पर थे जब हम साथ चले,हाथ में थामे एक दूजे का हाथ चले।
तब थीं बहारें अब पतझड का मौसम है,पर यादों की बदली छाने लगती है ॥
जब जब उसकी यादें आने लगती हैं,मत पूछो कितना तडपाने लगती हैं ॥
                         
                         "अनन्तराम मिश्र"

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