"परी हो तुम"

रब ने तुझको जाना ,कुछ ऐसे बनाया है ,
तुझे देख के यूं लगता तू उसका ही साया है |
रब ने तुझको ..........................................
मस्ती भरी आँखों में ,हिरनों सी है चंचलता ,
तेरे मद भरे अधरों से से छलके मधु की सरिता,
और सुर्ख कपोलों में पुष्पों सी  है कोमलता ,
नागिन ने भी लहराना तेरी लटों से पाया है ||
रब ने तुझको ...................................................
जब जब मुस्काती हो तब तब चमकें मोती ,
तेरा अंग अंग यूं दमके जले तिमिर में ज्यों ज्योती ,
तेरा रूप देख मोहें साधू सन्यासी  यती ,
किस्मत वाला वो है जिसने तुझे पाया है ||
रब ने तुझको ..................................................
तुझे प्यार से मैं देखूं या प्यार करूँ तुझको ,
मिलना तो बड़ा मुश्किल पाऊँगा कहाँ तुझको ,
तुझे दिल में बसा लूँ पर अफ़सोस है ये मुझको ,
परियों को धरा पर क्या कभी किसी ने पाया है ||
रब ने तुझको जाना कुछ ऐसे बनाया है ,

तुझे देख के यूं लगता तू उसका ही साया है ||

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