"शाम ढले'"
तुमसे करना प्यार की बातें
, हर लम्हा मुझे याद आयें ||
शाम ढले
.................................
पास मेरे जब तुम होते थे
कितना अच्छा लगता था ,
तू है बस मेरा ही हमदम इतना सच्चा लगता था |
लेकिन अब है लम्बी जुदाई कौन
खबर उसकी लाये ||
शाम ढले जब
................................................
भूल ना पाऊँ तुझको तेरी
याद सताती रहती है ,
याद तेरी वो प्यारी बातें
हरपल आती रहती हैं |
नामुमकिन हैं अब तो मिलना,
बस ख्वावों में तू आये ||
शाम ढले जब
........................................
ना तुम ना हम हुए बेवफा
,किस्मत अपनी खफा हुई ,
जीवन में लिक्खी थी जुदाई
,तभी तो ऐसी खता हुई |
तू तो याद रहेगा मुझको ,
भूल भले ही तू जाये ||
शाम ढले जब याद में
.......................................
भुला दिया जब तुमने सारी
कसमों सारे वादों को ,
चाहा लाख मिटा दूं अपने
दिल से तेरी यादों को |
पर तेरी यादें हैं सब कुछ
,कैसे इन्हें भुला पायें ||
शाम ढले जब याद में तेरी
,गुजरा जमाना तड़पाए |
तुमसे करना प्यार की बातें
हर लम्हा मुझे याद आयें ||
शाम ढले जब
............................................
(R)(R)(R)content_deliverygad.jpg)
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें