क्यों नाम लिख लिया
पहले
गिरा के बिजलियाँ दीवाना कर दिया ,
खुद बन
गईं शमा मुझे परवाना कर दिया |
आँखों
में तेरी प्यार है ,इनकार लवों पर ,
तेरी
इस अदा ने मुझको तो अन्जाना कर दिया ||
दिल की
दीवारों पर तुम्हारा नाम लिख लिया ,
तुमको
लिखा रति खुद को मैनें काम लिख लिया |
इनकार
मेरे प्यार से करती हो तुम मगर ,
अपनी
हथेली पर क्यों मेरा नाम लिख लिया ||
मंजिल
न थी रस्ता न था फिर भी थे चल दिए ,
राहों
तेरे प्यार के लाखों जले दिए |
आया जो
एक तूफ़ान सारे दीप बुझ गए ,
वादे
तो सारी उम्र साथ चलने के किये ||
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