हास्य गीत
हास्य रचना नुस्खा
{पैरोडी }
तर्ज > अफसाना
लिख रही हूँ ..............................
मैं नुस्खा लिख रहा हूँ मियादी बुखार का
खर्चा न होगा इसमें कोई मेरे यार का
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तुमको मियां बुखार है सौ डिग्री के ऊपर
तुमको मियां बुखार है सौ डिग्री के ऊपर
सौ डिग्री के ऊपर
पैसे का मुँह जो देखा चले जाओगे ऊपर
हाँ जाओगे ऊपर
रूपये नगद पड़ेंगे ना चक्कर उधार का
खर्चा न होगा इसमें कोई मेरे यार का ||
नुस्खे को जरा गौर से पढ़िए मेरे हुजूर
पढिये मेरे हुजूर
कुछ उल्टा सीधा लिख दूं तो मेरा नहीं
कुसूर
मेरा नहीं कुसूर
हूँ तो अँगूठा टेक पर नौकर सरकार का
खर्चा न होगा इसमें कोई मेरे यार का ||
तुम पहले देशी घी में शहद को मिलाइए
शहद को मिलाइए
उससे न हो असर तो जहर को पी जाइये
जहर को पी जाइये
मरीज ही ना होगा मरज का सवाल क्या ||
खर्चा न होगा इसमें कोई मेर यार का |
मैं नुस्खा लिख रहा हु
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