थप्पड़ कांड
थप्पड़ कांड केजरीवाल {8अप्रेल}पैरोडी
तर्ज – दुनिया बनाने वाले क्या तेरे मन .......................
केजरी तुम्हारी
काहे होती है आजकल ठुकाई ,काहे को पार्टी
बनाई ,
तूने काहे को
पार्टी बनाई ........................................
जनता ने तुझको
अपने गले था लगाया ,
सी .एम् .का ताज तेरे सिर पर
सजाया
ऐसी जनता को तूने
धोखा दे डाला ,
लोगों को समझा तूने मूरख है
लाला ,
जनता से चन्दा
लेकर करता तू अपनी कमाई
काहे को पार्टी बनाई, तूने
काहे ..............
बनने चला था तू तो
भारत का हीरो ,
आदत ने तेरी तुझको कर डाला जीरो
सत्ता मिली तो बन
बैठा सिकंदर ,
उछले –कूदे तू ऐसे जैसे हो बन्दर ,
मोदी के पीछे पड़कर
अपनी ही इज्जत गँवाई
काहे को पार्टी बनाई तूने
.......................
कुछ तो सुधर जा अब
तू केजरी अभागे ,
तेरे ही अपने तुझको छोड़ कर के
भागें ,
राजघाट जाके तूने
ड्रामा दिखाया
जन को रिझाने का है चक्कर चलाया
पड़ता जब थप्पड़
तेरे गाँधी जी देते दिखाई
काहे को पार्टी बनाई तूने काहे
को ...............
मोदी को चाहे सारे
भारत की जनता
कौन से मद में तू तो अब भी है
तनता,
मोदी के आगे तूने
लड़ने की ठानी ,
मिट्टी में मिल जाएगा तू राजा जानी
,
तेरी कारस्तानी पर
होती है अब जग जगहँसाई,
काहे को पार्टी बनाई तूने
..............
मुद्दों से भटका
अपने वादों से भटका
तुझको लगा है शोहरत पाने का
चस्का
अपने गिरेवाँ में
तू नजरें ना डाले
औरों पे हरदम ही तू कीचड उछाले
गाँधी की टोपी
पाके ,जनता को टोपी पहनाई ,
काहे को पार्टी बनाई तूने काहे को पार्टी
बनाई |
अनन्त मिश्रा
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