सत्ता प्यारी है
राजनीति में नेताओं को अजब बीमारी है,
इंसानी जानों से बढ़कर सत्ता प्यारी है ।।
बदल डालेंगे राजनीति, ये दावा करते हैं,
फिर जाता मन पैर जभी संसद में धरते हैं।
सत्ता का मद पूर्ण रूप से इन पर तारी है,
इंसानी जानों से बढ़कर सत्ता प्यारी है ।।1।।
संप्रदायों को भड़काने का जाल बिछाते हैं,
जलते शवों पर राजनीति की दाल पकाते हैं।
हम लड़ जाते आपस में ये भूल हमारी है,
इंसानी जानों से बढ़कर सत्ता प्यारी है ।।2।।
जे एन यू में देश विरोधी नारे लगते हैं ,
तब कुछ दोगले नेताओं के जमीर जगते हैं ।
कन्हइया तुमको बचा ही लेंगे बात उचारी है,
इंसानी जानों से बढ़कर सत्ता प्यारी है ।।3।।
ऐसे नेता गद्दारों के भाव बढ़ाते हैं,
भारत माता के सीने में घाव लगाते हैं।
जन प्रतिनिधियों की ये कौम भारत हत्यारी है,
इंसानी जानों से बढ़कर सत्ता प्यारी है ।।4।।
दहशतगर्दों से जनता को मुक्त कराएंगी,
गुंडों को चुन -चुन कर जेल में ये पहुंचाएंगी।
जिनके हाथी पर सवार khud hiअंसारी है ,
इंसानी जानों से बढ़कर सत्ता प्यारी है ।।5।।
Anantran mishra
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