बेटियाँ प्रतिगीत तर्ज - हाय ओ रब्बा

आज बेटियां इन बेटों से निकल रहीं अब आगे हैं,
बेटियों को सम्मान मिले ये भाव सभी में जागे हैं,
सुन मेरे भइया सुन मेरी बहना ...

नारी को सम्मान मिले ये सबने ठान लिया है ,
सृष्टि का सौंदर्य है  नारी सबने मान लिया है ,
जो इनका अपमान करे वो सारे पुरुष अभागे हैं ।
आज बेटियाँ इन बेटों से निकल रहीं अब आगे हैं।।
सुन मेरे भइया सुन मेरी बहना.....

प्यारी बेटी अपने घर में जनकदुलारी होती,
बिछड़ के जब ससुराल चले माँ तड़प तड़प कर रोती,2
भइया को जो प्यार में बांधे वो राखी के धागे हैं ,
बेटियों को सम्मान मिले ये भाव सभी में जागे हैं,
सुन मेरे भइया सुन मेरी बहना........

झांसी की रानी बन बेटी देश पे मर मिटती है,
अंतरिक्ष तक पहुंच के वो इतिहास नया रचती है,
कोमल है कमजोर नहीं अपना अधिकार ये मांगे है,
बेटियों को सम्मान मिले ये भाव सभी में जागे हैं,
आज बेटियां इन बेटों से निकल रहीं अब आगे हैं,
बेटी को सम्मान .........
सुन मेरे भइया सुन मेरी बहना .....

                 अनन्तराम मिश्र

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