देशभक्ति गीत तर्ज- कितना प्यारा है ये चेहरा...
कितना शुभ दिन है आज इसको हम मनाते हैं,
आज के दिन तिरंगे झंडे को लहराते हैं,
कितना शुभ दिन है....
ये दिन तो आया है मुश्किल से
वीरों की खातिर
इसी दिन के लिए कर दी थी
जान भी हाजिर
आज उन वीरों के जयकारे
हम लगाते हैं ,
कितना शुभ दिन है.......
है तीन रंगों से सजा हुआ ये ध्वज मेरा,
अशोक चक्र का है मध्य में बना घेरा,
इसी ध्वज को तो आज शान से फहराते हैं,
कितना शुभ दिन......
ये अपना देश है संसार में सबसे न्यारा,
यहाँ पे बहती गंगा यमुना की निर्मल धारा,
देवता भी यहाँ अवतार लेके आते हैं
कितना शुभ दिन है आज इसको हम
मनाते हैं,
आज के दिन तिरंगे झंडे को लहराते है।।
" अनन्तराम मिश्र"
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