मैं भी चौकीदार
मैं भी चला आप के संग में देश से हमको प्यार ,
गर्व से सीना ताने कहता मैं भी चौकीदार ।
इसे न जोड़ो राजनीति से ना ही मोदी भक्ति से ,
कहनी है एक बात मुझे हर गांव नगर हर बस्ती से ।
चौकीदार कहाने में है आज शर्म जिनको आती ,
उन जैसे यदि रक्षक होते देश की गर्दन झुक जाती।
चौकीदारी को तुमने केवल क्या पेशा मान लिया,
चौकीदार को तुमने क्या ऐसा या वैसा मान लिया ।
देश लूट कर धन जोड़ा उस धन के मद में ऐंठे हो ,
चौकीदार को चोर और ना जाने क्या कह बैठे हो ।
क्या तुम चौकीदार नहीं यह दिल पर रखकर हाथ कहो ,
तुम चोरों के साथ नहीं यह दिल पर रखकर हाथ कहो ।
देश का मान बढ़ाने में जो अपनी जान लगाता है ,
देश की शान बढ़ाने में अपना दिन रात खपाता है।
रहे जागता रातों में जो चैन से तुम्हें सुलाता है,
वह छप्पन की छाती वाला चौकीदार कहता है ।
क्या अपने परिवारों के हम चौकीदार नहीं है जी ,
क्या गुरुजन अपने शिष्यों के चौकीदार नहीं है जी ।
अपने माता पिता हमारे चौकीदार नहीं है क्या ,
जो समाज के रक्षक हैं वे चौकीदार नहीं है क्या ।
हर एक देश का वासी करता अपने देश से प्यार ,
देश का बच्चा बच्चा बोले मैं भी चौकीदार।
देश का बच्चा बच्चा बोले मैं भी चौकीदार
जय हिंद जय भारत भारत माता की जय
अनंतराम मिश्रा
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