प्रार्थना

       "जगदीश प्रार्थना"
संकट की इस घड़ी में
बस ध्यान प्रभु का धारो ,
सुनता है वो तो सबकी,
       दिल से उसे पुकारो ।
संकट की इस घड़ी में
बस ध्यान प्रभु का धारो ।।
हम रास  रंग में जब 
पड़कर थे उसको भूले ,
कितनी कमा ली दौलत
यह सोचकर कर थे फूले,
धन के घमंड पर अब ,
         थोड़ी तो धूल डारो
सुनता है वह तो सबकी ,
          दिल से उसे पुकारो ।
संकट की इस घड़ी में,
बस ध्यान प्रभु का धारो ।।
संकट धरा पे भारी
             फैली है महामारी
ऐसे में याद आते
         बस शंख चक्र धारी ,
हम सब तेरी शरण में
     अब आप ही सम्हारो,
सुनता है वो तो सबकी
          दिल से उसे पुकारो ,
संकट की इस घड़ी में ,
    बस ध्यान प्रभु का धारो जब-जब जब विपति पड़ी है ,
    वह आपने ही टाली
         जाता ना कोई तेरे
दर से कभी भी खाली,
     मझधार में है नैया
उसे पार अब उतारो ।
सुनता है वो तो सबकी ,
दिल से उसे पुकारो हो ,
संकट की इस घड़ी में
बस ध्यान प्रभु का धारो ।।
           ✍️अनन्तराम मिश्र ✍️

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