वित्तविहीन शिक्षकों की व्यथा
1 इस कोरोना काल में निर्धन वित्तविहीन सरकारें सुनती नहीं कार्य करेंगे नवीन ।। 2 लगी प्रतिष्ठा दांव पर ,कुछ भी नहीं सुहाय शिक्षक यदि भूखा मरा लगेगी तुमको हाय।। रे योगी लगेगी तुमको हाय 3 नया काम ना हो सके कुछ तो समझो पीर , शिक्षक हूं सम्मान की , पैर पड़ी जंजीर ।। 4 कानों में सरकार ने तेल लिया है डाल , वित्तविहीनों का उसे नहीं पता है हाल ।। हो योगी नहीं पता है हाल 5 ठेका बाजारें खुलीं ,खुले नहीं स्कूल , ब...