सरस्वती वंदना तर्ज़-आज कल याद कुछ और रहता नहीं

ओ मेरी शारदे तेरा सुमिरन करूँ 
    सत्य पथ पर रहूं माँ मुझे ज्ञान दे।
भक्ति में लीन तेरी मेरा मन रहे,
     मातु मुझको अटल ऐसा वरदान दे।।
ओ मेरी..............

ज्ञान की तू है देवी  जगत जानता,
  जग से तू दूर कर दे माँ  अज्ञानता ।
सब चलें अपने कर्त्तव्य के मार्ग पर ,
  पथ से  विचलित ना हों माँ तू ही ध्यान दे ।
ओ मेरी शारदे...............

जो भी करते हैं साहित्य की साधना,
         गीतों में छन्दों में तेरी आराधना ।
  पूर्ण हो उनकी मनवांछित कल्पना 
       वाणी पुत्रों को अपने  तू वरदान  दे ।।
ओ मेरी शारदे तेरा सुमिरन करूँ,
     सत्य पथ पर रहूं माँ यही ज्ञान दे।
भक्ति में लीन तेरी मेरा मन रहे 
     मातु मुझको अटल ऐसा  वरदान दे ।।

           ✍️✍️Anantram Mishra 

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