याद तक आई नहीं
प्यार में एक लम्हा भी होती तन्हाई नहीं, दिल में जो बसते हैं ,उनकी होती रुसबाई नहीं। लाख तुम बातें करो,भूली नहीं तुमको सनम, पर तुम्हें एक पल भी मेरी याद तक आई नहीं। 2 तुम्हारे हुश्न पर जाने हुआ क्यों दिल दिवाना था, मेरे दिल का मधुर संगीत तुमको सुनके जाना था, तेरी मुस्कान पर हम बेवजह कुर्बान हो बैठे, तेरे नाजुक से होठों पर तो औरों का तराना...