संदेश

जून, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

याद तक आई नहीं

प्यार में एक लम्हा भी होती तन्हाई नहीं, दिल में जो बसते हैं ,उनकी होती रुसबाई नहीं। लाख तुम बातें करो,भूली नहीं तुमको सनम, पर तुम्हें एक पल भी मेरी याद तक आई    नहीं।                   2 तुम्हारे हुश्न पर जाने हुआ                      क्यों दिल दिवाना था, मेरे दिल का मधुर संगीत                      तुमको सुनके जाना था, तेरी मुस्कान पर हम बेवजह                              कुर्बान हो बैठे, तेरे नाजुक से होठों पर                     तो औरों का तराना...

बेटियाँ प्रतिगीत तर्ज - हाय ओ रब्बा

चित्र
आज बेटियां इन बेटों से निकल रहीं अब आगे हैं, बेटियों को सम्मान मिले ये भाव सभी में जागे हैं, सुन मेरे भइया सुन मेरी बहना ... नारी को सम्मान मिले ये सबने ठान लिया है , सृष्टि का सौंदर्य है  नारी सबने मान लिया है , जो इनका अपमान करे वो सारे पुरुष अभागे हैं । आज बेटियाँ इन बेटों से निकल रहीं अब आगे हैं।। सुन मेरे भइया सुन मेरी बहना..... प्यारी बेटी अपने घर में जनकदुलारी होती, बिछड़ के जब ससुराल चले माँ तड़प तड़प कर रोती,2 भइया को जो प्यार में बांधे वो राखी के धागे हैं , बेटियों को सम्मान मिले ये भाव सभी में जागे हैं, सुन मेरे भइया सुन मेरी बहना........ झांसी की रानी बन बेटी देश पे मर मिटती है, अंतरिक्ष तक पहुंच के वो इतिहास नया रचती है, कोमल है कमजोर नहीं अपना अधिकार ये मांगे है, बेटियों को सम्मान मिले ये भाव सभी में जागे हैं, आज बेटियां इन बेटों से निकल रहीं अब आगे हैं, बेटी को सम्मान ......... सुन मेरे भइया सुन मेरी बहना .....                  अनन्तराम मिश्र