टाइम पास (हास्य रचना)
एक दिन मेरा मित्र मुझसे ये कहने लगा, हो गई समस्या एक उसे सुलझाइए , किस्मत फूटी मेरी प्रेमिका है रूठी मेरी, उसको मनाने का उपाय बतलाइये, मैंने पूछा श्रीमान कैसे हुआ व्यवधान, पहले पूरी घटना तो मुझको बताइये , पहले रोग जान जाऊँ नुस्खा तभी बताऊँ, फिर जाके उस नुस्खे को आजमाइये ।।1। 2 मित्र बोला कुछ न खास, गया था मैं उसके पास, बोला उससे तुम मेरे जीवन की आस हो, आता हूं तुम्हारे पास टाइम हो जाता पास, जानेमन तुम मेरी अच्छी टाइमपास हो, रूठ के वो चली गई किस्मत छली गई, मेरी जिंदगी में मानो आया बनवास हो, आया मित्र तेरे द्वार कर दे मेरा उद्धार तुम ही तो मित्र मेरे अंतिम मेरी आस हो।2 ...