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टाइम पास (हास्य रचना)

एक दिन मेरा मित्र मुझसे ये कहने लगा,         हो गई समस्या एक उसे सुलझाइए , किस्मत फूटी मेरी प्रेमिका है रूठी मेरी,        उसको मनाने का उपाय बतलाइये, मैंने पूछा श्रीमान कैसे हुआ व्यवधान, पहले पूरी घटना तो मुझको बताइये , पहले रोग जान जाऊँ नुस्खा तभी बताऊँ, फिर जाके उस नुस्खे को आजमाइये ।।1।                      2 मित्र बोला कुछ न खास,                 गया था मैं उसके पास, बोला उससे तुम मेरे जीवन की आस हो, आता हूं तुम्हारे पास टाइम हो जाता पास, जानेमन तुम मेरी अच्छी टाइमपास हो, रूठ के वो चली गई किस्मत छली गई, मेरी  जिंदगी में मानो आया बनवास हो, आया मित्र तेरे द्वार कर दे मेरा उद्धार तुम ही तो मित्र मेरे अंतिम मेरी आस हो।2                   ...

मत कर गुरूर

                    1 इतने खुदगर्ज तुम क्यों सनम हो गए   हमसे इतने गिरे क्या करम हो गए, प्यार शिद्दत से तुमने भी मुझसे किया, फिर अकेले ही क्यों दोषी हम हो गए । 1।                      2 बदले बदले से तुम लग रहे हो सनम, सच में बदले हो तुम या है मेरा भरम एक पल दूर रहना गवारा न था रूठ जाते थे जब दूर जाते थे हम,।।2।।                    3 चन्द दिन का है यौवन ये ढल जाएगा, वक्त जैसा भी हो वह बदल जाएगा , रूप धन बुद्धि पर दर्प करना नहीं, एक दिन गात अपना भी जल जाएगा।।3।।                        4 मत स्वयं पर करो आप इतना गुरुर रूप यौवन का तुम पर चढ़ा है शुरूर यह जवानी रहेगी जवानी नहीं, उम्र क...

जब मुझको भुलाया होगा (गजल)

उसने जब मुझको भुलाया होगा, कितना खुद को ही सताया होगा ।।2।। याद रह रह के सताती होंगी , नींद रातों में ना आती होंगी , मेरे  खत पढ़के शुकून पाने को शब्बे शम्मा को जलाया होगा । उसने जब मुझको भुलाया होगा कितना खुद को ही सताया होगा । रात नागिन सी जो डसती होगी, दिल में एक कसक सी उठती होगी, बढ़ रही बेकली  छुपाने को, तकिया सीने से सटाया होगा।। उसने जब मुझको भुलाया होगा, कितना खुद को ही सताया होगा । 2। आंखें भर भर जब भी आती होंगी आँसू सबसे वो छुपाती होगी , सिर सहेली के कांधे पर रखकर, देर तक फिर न उठाया होगा । उसने जब मुझको भुलाया होगा, कितना खुद को ही सताया होगा।।    अनंतराम मिश्र